पर्सनल लोन क्या है पर्सनल लोन कैसे लें ?

Personal Loan

What is Personal Loan – पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन है, जो कि बिना किसी सिक्योरिटी के दिया जाता है। सरल शब्दों मे यह एक ऐसा लोन है जिसे लेने हेतु कस्टमर को कोई भी वस्तु गिरवी नहीं रखनी होती है। मतलब यह लोन कस्टमर के इंकम डाॅक्यूमेंट एवं व्यक्ति की लोन चुकाने की क्षमता के आधार पर दिया जाता है। सामान्यतः यह 3 वर्ष से 5 वर्ष तक के लिये दिया जाता है।

पर्सनल लोन किन कारणों से लिया जा सकता है ?

फैमिली मेंबर की शादी
मेडिकल इमरजेंसी में
परिवार के साथ छुट्टी बिताने के लिये
बच्चों की एजूकेशन के लिये
घर के किसी होम अप्लायंसेज खरीदने के लिये
घर के रिनोवेशन के लिये
किसी अधिक ब्याज पर लिये गये लोन के रिपेमेंट के लिये इत्यादि

पर्सनल लोन हेतु इलिजिबलिटी

पर्सनल लोन देने से पहले बैंक सामान्यतः इन बातों का ध्यान रखती है।
कस्टमर प्रोफाईल – पर्सनल लोन देने से से पहले बैंक कस्टमर प्रोफाईल देखती है कि वह व्यक्ति नौकरी करता है या बिजनसमैन है या सेल्फ एंम्लाईड प्रोफेशनल (डाॅक्टर, इंजीनियर, सीए) है।
इंकम स्टेबलिटी – कस्टमर कितने समय से नौकरी कर रहा है या बिजनस कर रहा है। सामान्यतः कोई भी बैंक सेलेरीड व्यक्ति के लिये 3 वर्ष एवं बिजनसमैन के लिये 5 वर्ष की इंकम स्टेबलिटी देखती है।
उम्र – सेलेरीड व्यक्ति की उम्र 21 वर्ष से 60 वर्ष एवं बिजनसमैन के लिये 25 से 65 वर्ष तक के बीच होनी चाहिये।
इंकम – सामान्यतः पर्सनल लोन लेने के लिये 20000 रूपये मंथली इंकम होनी चाहिये।
क्रेडिट स्कोर – क्रेडिट स्कोर 750 या इससे अधिक होना चाहिये क्रेडिट स्कोर बैंक की पाॅलिसी पर भी निर्भर करता है।
एसेट एवं लायबलिटी रेशो- पर्सनल लोन देने से पहले बैंक कस्टमर की एसेट एवं लायबलिटी भी देखती है। सामान्यतः कस्टमर की लोन चुकाने की क्षमता का आकलन इसी आधार पर किया जाता है। इसके अतिरिक्त परिवार में सदस्यों की संख्या को भी देखा दिया जाता है।

ब्याजदर कितनी रहती है

बैंक की पर्सनल लोन की ब्याज दर लगभग 12 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक हो सकती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप जो लोन ले रहे है वह किस बैंक से ले रहे है। सामान्यतः किसी भी प्रायवेट या नेशनलाईज्ड बैंक से ब्याज दर कम होती है परंतु यदि आप किसी एनबीएफसी से लोन लेते है तो ब्याजदर अधिक हो सकती है।
सेलेरिड प्रोफाईल के व्यक्ति को लगभग 12 से 15 प्रतिशत वार्षिक दर पर किसी भी प्रायवेट या नेशनलाईज्ड बैंक से लोन मिल जाता है। बिजनसमैन को लोन थोडा ज्यादा दर पर उपलब्ध किया जाता है।

पर्सनल लोन की ईएमआई कितनी आती है
यदि कोई व्यक्ति एक लाख रूपये का लोन लेता है जिसकी 13 प्रतिशत वार्षिक दर है तो उसकी ईएमआई होगी –
लोन राशि 100000 अवधि 3 वषर् ईएमआई 3369/- मंथली
लोन राशि 100000 अवधि 5 वर्ष ईएमआई 2275/- मंथली

बैंक पर्सनल लोन देने से पहले किन बातों का ध्यान रखती है

इंकम प्रुफ- कस्टमर की लोन चुकाने की क्षमता कैसी है दिया गया लोन वह चुका सकने में सक्षम है या नहीं। इस बात की जानकारी उसकी इंकम एवं खर्चो पर निर्भर करती है बैंक लोन देने से पहले इसका आकलन करती है।

पुराने लोन का ट्रेक रिकार्ड – बैंक यह भी देखता है कि आप पर्सनल लोन पहली बार ले रहे है या आपने पहले भी कभी कोई लोन लिया है। यदि आपने पहले भी कोई लोन लिया है एवं उसे समय पर या समय से पहले चुका दिया है तो बैंक का आपपर विश्वास बढ जाता है एवं आपका लोन आसानी से स्वीकृत हो जाता है।

वर्तमान में चल रहे लोन की स्थिति – आपके वर्तमान में कोई लोन चल रहे है या नहीं। यदि आपके वर्तमान में कोई लोन चल रहे हो इसका विपरीत प्रभाव पडता है क्योंकि कस्टमर पर उसकी किश्त चुकाने की लायबलिटी होती है। अतः चल रहे लोन का ईएमआई राशि आपकी आय से घटा दी जाती है।

चैक बाउंस की स्थिति – आपके खाते में भुगतान किये गये चैक की स्थिति भी बैंक देखता है यहां यह देखा जाता है कि आपके खाते में पिछले एक वर्ष में कोई चैक अकाउंट में फंड के न होने की वजह से बाउंस तो नहीं हुये है।

पर्सनल लोन कितना मिल सकता है

पर्सनल लोन 50,000 रूपये से 25 लाख रूपये तक दिया जाता है। जो कस्टमर के इंकम डाॅक्यूमेंट या आईटीआर पर निर्भर करता है। एवं ऊपर बताये गये आकलन के आधार पर किया जाता है।
यदि कोई व्यक्ति की मंथली इंकम 50000 रूपये है तो बैंक यह मानता है कि लगभग 50 प्रतिशत राशि उसके घर खर्च में खर्च हो सकती है शेष 50 प्रतिशत मतलब 25000 रूपये तक वह बचत कर सकता है जो लोन की किश्त के रूप में चुका सकता है।
यहां यह भी देखा जाता है कि कस्टमर के कोई रनिंग लोन तो नहीं है। यदि रनिंग लोन है तो उसकी ईएमआई उसकी बचत करने की क्षमता जो कि 25000 है में से घटा दी जाती है। अब बचे हुये रूपये के आधार पर उसका लोन भरने की क्षमता का आकलन किया जाता है। जिसे दिये गये फार्मूले से समझ सकते है।

मासिक आय 50000 रू.
50 प्रतिशत घर खर्च -25000 रू.
रनिंग लोन की ईएमआई -10000 रू.

नयी लोन की ईएमआई भरने की क्षमता 50000-25000-10000 मतलब 15000/-
इस प्रकार कस्टमर को लगभग 5 से 6 लाख रूपये तक का लोन आसानी से मिल सकता है।

पर्सनल लोन मिलने में कितना समय लगता है

सामान्यतः लोन मिलने में 1 दिन से 7 दिन का समय लगता है यदि आपने सारे डाॅक्यूमेंट बैंक या फायनेंस कंपनी को एक बार मंे दे दिये है जो लोन काफी जल्दी मिल जाता है। सामान्यतः आजकल बैंक में प्रीअप्रूव्ड लोन आॅफर भी आपके अकाउंट में दिया जाता है जिसे डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से तुरंत लिया जा सकता है। यह लोन आपके खाते में लंबे समय से पडी राशि के एवरेज बेलंेस के आधार पर दिया जाता है।
पर्सनल लोन के चार्जेस

फाईल चार्ज/प्रोसेसिंग फीस 2 प्रतिशत + जीएसटी
ब्याज दर 12 से 22 प्रतिशत
फोरक्लोजर चार्जेस 2 से 4 प्रतिशत $ जीएसटी
ओवरड्यू इंटरस्ट चार्ज 2 प्रतिशत अतिरिक्त
स्टाम्प ड्यूटी चार्ज आपके राज्य के नियमानुसार
चेक बाउंड चार्जेस लगभग 500 रूपये
लाॅक इन पीरीयड 1 साल

पर्सनल लोन के लिये कौन से डाॅक्यूमेंट देने होते है

Document Salaried Businessman Self employeed professional
Application form Yes Yes Yes
Photograph Yes Yes Yes
6 Month Bank statement Yes Yes Yes
3 Month salary slip Yes
PAN / Adhar /Voter ID Yes Yes Yes
Form 16 / ITR Yes Yes Yes
Processing Fee Cheque and Undated cheque Yes Yes Yes
Proof of Business existance Yes Yes
Education Qualification certificate Yes
ITR of Last 3 years with computation of income Yes Yes
CA cerfified balancesheet with Profit and loss account and schedules (Last 3 years) Yes Yes

रिपेमेंट कंडीशन क्या होती है

पर्सनल लोन को चुकाने हेतु डायरेक्ट डेबिट, ईसीएस, या चैक माध्यम उपलब्ध होते है

पर्सनल लोन के फायदे

ऐसा लोन हे जो जल्दी उपलब्ध हो जाता है।
आपको पर्सनल लोन लेेने हेतु कोई वस्तु गिरवी नही रखनी होती है।
जहां सेलेरी अकाउंट है वहां आसानी से मिल जाता है, परंतु पर्सनल लोन लेने से पहले आप 2 से 3 बैंक की ब्याज दरें जरूर कंपेयर कर लें तो अच्छा होगा।

पर्सनल लोन लेने में कौन से नुकसान है

सामान्यतः ब्याजदर अधिक होती है
विभिन्न बैंकों की ब्याजदर में काफी अंतर होता है।
एक वर्ष के पहले बंद नहीं किया जा सकता है।

पर्सनल लोन में किन बातों का ध्यान रखें

पर्सनल लोन तभी लेना चाहिये जब आपको पैसों की अत्यधिक आवश्यकता हो क्योंकि ब्याजदर अधिक होती है।
आप कम समय के लिये लोन चाहते हो जैसे 1 से 5 वर्ष तो पर्सनल लोन लिया जा सकता है।
आपको कम रूपयों की जरूरत हो तो पर्सनल लोन लिया जा सकता है।
अधिक रूपयों की जरूरत है तो पर्सनल लोन की जगह सिक्योर्ड लोन जैसे लेप-लोन अगेन्स्ट प्राॅपर्टी/ माॅडगेज लोन लेना अच्छा होता है।
पर्सनल लोन पर बैंक ब्याज में थोडा नेगोसिएशन भी करते है अतः जब भी लोन के लिये अप्लाय करें बैंक से थोडा नेगोशिएट भी करें।
लोन लेने से पहले सारे डाॅक्यूमेंट अच्छी तरह पढ ले, फोरक्लोजर चार्जेस पर भी ध्यान दें एवं हो सके तो नेगोशिएट करें।
केडिट कार्ड के बिल संबंधी उलझन में फंस गये है या किसी साहूकार से लोन लिया है एवं उसे समाप्त करना चाहते है तो पर्सनल लोन ले सकते है।
यदि आपकी हर महीने किश्त भरने लायक कंडीशन नहीं है तो पर्सनल लोन लेने की जगह आपको गोल्ड लोन लेना फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें ईएमआई नहीं आती है, गोल्ड लोन के बारें में अधिक जानकारी हमारी गोल्ड लोन की पोस्ट में उपलब्ध है।

पर्सनल लोन कहां से लेे ?

पर्सनल लोन आप किसी भी प्रायवेट बैंक / नेशनलाईज्ड बैंक या एनबीएफसी कंपनी से ले सकते है। यहां यह देखना चाहिये की कौन सी बैंक आपको जरूरत के मुताबिक कम ब्याज पर लोन उपलब्ध करा रही है।

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20 thoughts on “पर्सनल लोन क्या है पर्सनल लोन कैसे लें ?”

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