आप सभी ने आजकल यह देखा होगा कि फिनटेक शब्द आजकल काफी प्रयोग हो रहा है। आपके मन में भी सह सवाल आया होगा कि आखिर यह फिनटेक क्या है और इसका यूज इतना क्यों हो रहा है। आज आपको सामने यह सब स्पष्ट हो जायेगा।
फिनटेक शब्द फायनेंस व टेक्नोलाॅजी से लिया गया है जिसका मतलब है फायनेंशियल सर्विसेज जो टेक्नोलाॅजी का यूज कर रहे है। जैसा की आप सभी जानते है कि बैंकिंग एवं फायनेंस में टेक्नाॅलाॅजी उपयोग तो तभी से शुरू हो गया था जबसे कम्प्यूटर के जरीये बैंक ने काम करना शुरू कर दिया था, पर टेक्नोलाॅजी का सही मायने में यूज बैंकिंग व फायनेंस कंपनीज ने 2016 से शुरू किया जब यूपीआई या युनिवर्सल पेमेंट इंटरफेस की शुरूआत हुई। इस समय पहली बार फिनटेक शब्द प्रयोग में भी लाया गया।
डिजिटल बैंक, पेेमेंट वाॅलेट, यूपीआई, ऐप्स, इंटरनेट बैंकिंग व मोबाईल बेैंकिंग, डिजिटल लैंडिंग व इंश्योरेंस से अत्यधिक बदलाव आया हेै।
फिनटेक का इंडिया में भविष्य/फिनटेक का इंडिया में फ्यूचर
आज हर क्षेत्र में टेक्नोलाॅजी की जिस तरह डिमांड बढ रही है एवं हर क्षेत्र में टेक्नोलाॅजी को अपग्रेड किया जा रहा है। वर्तमान एवं भविष्य में भी फिनटेक के क्षेत्र में काफी संभानायें है एवं भारत इसमें सबके आगे निकल रहा है।
भारत का फिनटेक एडाप्टेेशन रेट लगभग 87 प्रतिशत है जो कि वल्ड के एडाप्टेशन रेट 64 प्रतिशत के मुकाबले काफी अधिक है। फिनटेक की ग्रोथ रेट भारत में 2023 तक लगभग 20 प्रतिशत प्र्रतिवर्ष की दर से बढने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने हाल ही में जून 2020 में 500 करोड रूपये का पेमेंट इंफ्रास्टक्चर डेवलपमेंट फंड बनाने की व्यवस्था की है, जिसमें आरबीआई ने 250 करोड का सहयोग किया है एवं शेष फंड बैंकों के सहयोग से किया जा रहा है।
भारत की कुछ बडे स्टार्टअप कंपनीज
पेटीएम
पेटीएम मनी
फोनपे
मोबीक्विक
पेयू
ईटी मनी
पाॅलिसी बाजार
लेंडिंग कार्ट
फिनो

