आईटीआर भरते समय महत्वपूर्ण बातें
कोई भी व्यक्ति चाहे वह बिजनसमैन हो या नौकरी कर रहा हो इंटम टैक्स रिटर्न जमा कराना चाहिये। इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय करदाताओं से कई बार जाने अनजाने में कुछ गलतियां हो जाती है। ऐसी गलतियों से कई बार बडी परेशानियों का सामना करना पडता है। इंकम टैक्स फाइल करते समय कुछ मुख्य गलतियां नीचें बतायी जा रही है इन गलतियों से आप बच सकते है।
1 करदाता को इंकम टैक्स रिटर्न हर वर्ष तय समय से पहले भर देना चाहिये। हमेंशा यह देखा गया है कि करदाता इंकमटैक्स रिटर्न अंतिम तारीख के समय भरते है। इस प्रकार अंतिम समय में रिटर्न भरते समय व्यर्थ की भागदौड का सामाना करना पडता है।
2 व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता, ब्रांच नेम, आईएफएससी कोड आदि में गलती नहीं होनी चाहिये। ऐसा न करने पर इंकम टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है। हमें अपने सारे बैंक खातों की जानकारी इंकम टेक्स रिटर्न में देना चाहिये। ऐसा न करने पर आयकर विभाग आप पर कार्यवाही कर सकता है।
3 बचत खाते, एफडी पर मिलने वाले ब्याज, शेयर/म्यूच्युअल फंड, मकान किराया या अन्य आय को भी बताना जरूरी है। सोना या चांदी के गहने बेचने पर कैपिटल गेन टेक्स लगता है। कई बार इंकम टैक्स रिटर्न में इनकी जानकारी टेक्स पेयर नहीं देते है। जब विभाग के पास इस प्रकार के सौदों की जानकारी आती है तो करदाताओं को स्क्रूटनी में परेशानी आ सकती है।
4 सही रिटर्न फाम का चयन भी जरूरी है नहीं तो रिटर्न डिफेक्टिव हो जाता है। इसे ठीक करने हेतु तय समय में रिवाईज्ड रिटर्न भरता पडता है।
5 इंकम टेक्स रिटर्न में मिलने वाली कटौती में गलत राशि का लाभ लेना। उदाहरण के लिये धारा 80 के तहत स्कूल/काॅलेज की ट्यूशन फीस में ही छूट मिलती है। कई बार करदाता बस, लंच, कोचिंग फीस भी लिख देते है।
6 यदि करदाता बिजनसमैन है तो उसे रिटर्न में जीएसटी पंजीयन नंबर देना होता है। आईटीआर में जो टर्नओवर बताते है उसका मिलान अपने जीएसटी के टर्नओवर से भी करना चाहिये। इसमें विविधता होने पर दोनों विभागों से नोटस आ सकता है।
उपर दी गई इन बातों का ध्यान रखकर आप अपने आईटीआर को आसानी से फाईल कर सकते है।

